नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।
फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।
गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की दस महाविद्याओं (काली, तारा, बगलामुखी, त्रिपुरसुंदरी, छिन्नमस्ता, भुवनेश्वरी, धूमावती, मातंगी, कमला और भैरवी) की साधना की जाती है। ये महाविद्याएं साधक को विशेष आध्यात्मिक शक्तियां और सिद्धियां प्रदान करती हैं।
यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है।
हर दिन अलग-अलग देवी का आह्वान और मंत्र जाप करें।
व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।
* पितृदोष और कालसर्प दोष जैसे दोषों को दूर करती हैं।
जीवनरक्षक मां काली : माता काली की पूजा या भक्ति करने वालों को माता सभी तरह से निर्भीक और सुखी बना देती हैं। वे अपने भक्तों को सभी तरह की परेशानियों से बचाती हैं।
* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा get more info करती हैं।
गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा
गुप्त नवरात्रि पर्व के दिनों में सुबह जल्द उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें।
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कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं।
फिर कलश को लाल कपड़े से लपेटें और कलावा के माध्यम से उसे बांधें।